बच्चों के लिए पंचतंत्र की छोटी-छोटी कहानियां हिंदी में। | Panchatantra hindi kahaniya for kids

Hindi kahaniya

आपको यहाँ panchatantra short stories in hindi with moral की सबसे प्रसिद्ध कहानियां मिलेंगी। यह hindi kahaniya बहुत ही अच्छी और खूबसूरत है इन्हें पढ़कर बच्चे बेहद खुश होंगे और इन कहानियों से कुछ नैतिक सीखने को भी मिलेगा। यह कहानियां बिल्कुल शुद्ध है जिनमें किसी भी अपशब्द का प्रयोग नहीं किया है, यह best kahaniya for kids है।

1. चार दोस्त और एक शिकारी!

panchatantra short stories in hindi with moral
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एक जंगल में चार दोस्त रहते थे, हिरण, कछुआ, कौवा, और चूहा। यह चारों आपस में एक अच्छे मित्र थे। एक दिन यह चारों मित्र जंगल में खेल रहे थे तभी हिरण एक शिकारी के जाल में फंस जाता है। हिरण जितना निकलने का संघर्ष करता है वह उसमें उतना ही उलझ जाता।

वह हिरण को निकालने के लिए एक योजना बनाते हैं। जब शिकारी जाल के पास आया तो हिरण के ऊपर कौवा और सारे पक्षी आकर बैठ गए और हिरण ने शिकारी के सामने दर्द में चिल्लाया और आंखों को धीरे-धीरे बंद करते हुए मरने का नाटक किया। तभी कछुआ शिकारी के सामने से गुजरा और शिकारी जिंदा शिकार करने के लिए कछुए के पीछे भाग निकला।

शिकारी के जाते ही चूहे ने जाल को कुतर दिया और हिरण को आजाद कर दिया। फिर कौवा उड़ता हुआ गया और कछुए को अपनी चोंच में दबाकर उड़ गया और इस तरह कछुआ, चूहा, और कौवा तीनों ने मिलकर हिरण की जान बचाई।

कहानी का उद्देश्य : संगठन में शक्ति है, और मिलकर किया गया कार्य हमेशा अच्छा परिणाम देता है।

2. एक शेर और ऊंट की कहानी!

moral hindi kahaniya
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एक घने जंगल में, राजा शेर और उसके तीन सहायक सियार, कौवा और तेंदुआ एक साथ रहते थे। जंगल के राजा शेर का सहायक होने के कारण उन्हें कभी भूखा नहीं रहना पड़ता था। एक बार उस घने जंगल में वह एक ऊंट को देखकर बहुत आश्चर्यचकित हो गए,  जो ऊंट गर्म रेगिस्तान में देखे जाते हैं वह इस घने जंगल में क्या कर रहा है। शेर क्र द्वारा पुछताज करने के बाद पता चला कि वह रास्ता भटक गया और इस घने जंगल में फस गया।

शेर ने ऊंठ को आश्रय दिया और उसकी सुरक्षा करी। कुछ समय बाद  शक्तिशाली हाथियों से जड़प होने के कारण शेर घायल हो गया और उसके सहायक भूखे रह गए। उन तीनों सहायकों ने शेर को सुझाव दिया कि वह ऊंट को अपना भोजन बना ले। शेर ने ऐसा करने के लिए उन्हें तुरंत इंकार कर दिया। तीनों सहायकों ने चालाकी से एक योजना के तहत अपने आप को भोजन के रूप में शेर को प्रस्तुत किया। शेर का पुराना और भरोसे का सहायक होने के कारण शेर ने उन तीनों को मारने के लिए मना कर दिया

यह देख मासूम ऊंट ने भी अपने आप को भोजन के रूप में शेर को समर्पित किया और शेर के द्वारा तुरंत मार दिया गया और उन्होंने ऊंठ को अपना भोजन बना लिया।

कहानी का उद्देश्य : चालाक लोगों पर भरोसा करना ना समझी है वह आपको अपने फायदे के लिए कभी भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

3.  अच्छे विचार और गलत विचार!

एक गांव में दो मित्र रहते थे धर्मबुद्धि और पापबुद्धि। धर्म बुद्धि सदाचारी और अच्छे विचारों वाला था, और पाप बुद्धि गलत और दोस्त विचार वाला था। पाप बुद्धि बहुत सारा धन कमाना चाहता था उसने धर्म बुद्धि के कौशल का उपयोग करने का निर्णय लिया और योजना बनाई।  बापू बापूजी ने धर्म बुद्धि को विश्व भर में यात्रा करने और बहुत सारा पैसा कमाने के लिए राजी कर लिया।

कुछ समय बाद दोनों में पर्याप्त मात्रा में पैसा कमाया और उन पैसों को लेकर अपने गांव आते हैं। पाप बुद्धि जो दुष्ट विचारों वाला था उसने धन बुद्धि को जंगल में किसी पेड़ के नीचे छुपाने के लिए मना लिया और उन्होंने सारे पैसे पेड़ के नीचे जमीन में दफना दिया। और एक साथ आकर पाप बुद्धि सारे पैसे चुरा ले गया।

एक दिन  वह दोनों वह दोनों दोस्त ऐसे लेने वापस जंगल में गए। पैसे वहां ना मिलने पैसे वहां ना मिलने पर पाप बुद्धि ने उल्टा धर्म बुद्धि पर पैसे चुराने का आरोप लगा दिया और मामले को गांव के बड़े बुजुर्ग के पास ले गया।  जो इस बात से जो इस बात से सहमत हो गए कि धर्म बुद्धि के आरोप के बारे में जंगल के उस पेड़ की आत्मा से पूछना चाहिए।

पाप बुद्धि ने अपने पिता से  उस पेड़ की छाल के पीछे छुपने को कहा और उस पेड़ की आत्मा की तरह बोलने को कहा कि वह पूछती करेगी निर्दोष धर्म बुद्धि ने ही अपराध किया है। अगले दिन जब गांव के बड़े बुजुर्ग और  पाप बुद्धि पाप बुद्धि निर्दोष दंपति को पेड़ के पास लेकर गया और उससे पूछा तो पेड़ ने यह सुनिश्चित किया कि धर्म बुद्धि ही अपराधी है। लेकिन पेड़ की आत्मा की आवाज सुनकर धर्म बुद्धि को संदेह हुआ और उसने पेड़ की सूखी पत्तियों और टहनियों में आग लगा दी।

उसने पाया कि उसमें पापजी का पिता  छुपा हुआ था जिसने अपने बेटे के कुकर्म को कबूल किया और गांव के बड़े बुजुर्ग ने इसके लिए उसे दंडित किया।

कहानी का उद्देश्य :  दुष्टों की संगति से बचे और उनके कुकर्मो का भुगतान करने से बचें।

4. एक बोलने वाली गुफा!

new panchatantra stories in hindi
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एक शेर जंगल में शिकार के लिए निकला अपनी भूख मिटाने के लिए। वह बहुत दूर तक चला गया और दूर-दूर तक उसे एक भी जानवर नहीं मिला। शेर ने घर वापस लौटने का फैसला किया और लौटते समय उसे एक गुफा मिली। उस गुफा के अंदर जाकर छिप गया और सूर्यास्त के बाद उसमें रहने वाले जानवर का इंतजार करने लगा।

वह गुफा एक सियार की थी जो भोजन के लिए प्रतिदिन बाहर निकलता था और सूर्यास्त के समय लौटता था। प्रतिदिन की तरह उस दिन भी सियार अपनी गुफा में वापस लौटा। उसने देखा कि किसी शेर के पंजों के निशान अंदर जाते हुए बने हैं,  उसने तुरंत अपने पैरों को पीछे किया और गुफा के बाहर खड़ा हो गया। सियार जानना चाहता था कि क्या वास्तव में कोई शेर गुफा के अंदर छिपा हुआ है? यह पता करने के लिए सियार ने शेर को बेवकूफ बनाने की योजना बनाई।

सियार ने शेर को बेवकूफ बनाने के लिए गुफा से बात करना शुरू किया और यह पूछने लगा कि:

क्या इसमें प्रवेश करना सुरक्षित है?”

उसके बार-बार पूछने के बाद, शेर ने सोचा कि कहीं शिकार जवाब ना मिलने पर भाग ना जाए, उसने गुफा की आवाज मे सियार को उत्तर दिया। जैसे ही शेर ने सियार को उसका उत्तर दिया, सियार वहां से नौ दो ग्यारह हो गया और कभी ना लौटा। इस तरह चतुराई से सियार ने अपनी जान बचाई।

कहानी का उद्देश्य : आपकी बुद्धिमता के कारण आप अपने आप को किसी मूर्ख दुश्मन से बचा सकते हैं।

5. दो सिर वाला पक्षी!

hindi kahaniya for kids
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एक जंगल में एक अजीब पक्षी रहता था जो दो सिर वाला था। प्रत्येक पक्षी का अपना दिमाग था परंतु उनका शरीर एक ही था। दोनों सिर जीवन जीने के लिए एक दूसरे का पूरा सहयोग करते थे। एक दिन उन्होंने एक फल पेड़ पर लटका हुआ देखा, दोनों उस फल को खाने के लिए लड़ने और झगड़ने लगे। तभी पहले सिर ने सुझाव दिया कि यह फल वह  खुद ना खा कर अपनी पत्नी को देंगे।

दूसरे सिर ने समझौता कर लिया परंतु वह खुश नहीं था और उसने पहले सिर को सबक सिखाने की कसम खाई। एक दिन चालाकी से दूसरे सिर ने पहले सिर को एक जहरीला फल खाने को दिया। पहले सिर ने खुशी-खुशी वह फल खा लिया और जो दूसरे सिर ने उसको खाने के लिए दिया था। कुछ समय के भीतर, उस जहरीले फल ने दोनों को मार दिया और दोनों सिर किसी काम का नहीं रहा।

कहानी का उद्देश्य : एक पापबुद्धि और विरोधी विचार रखने से यह खुद के लिए ही खतरनाक साबित होता है।