short stories in hindi for kids | hindi kahaniya for kids बच्चो की हिंदी कहानिया

short stories in hindi for kids

क्या अपने कभी इन short stories in hindi for kids पढ़ी है। अगर हाँ तो आप भी जानते होंगी की यह कहानियां कितनी अच्छी और रोमांच से भरी होती है। इन hindi kahaniya for kids आपके बच्चो के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी। यह hindi kahaniya for child उन छोटी क्लास के बच्चो के लिए भी उपयोगी है जो हिंदी पुस्तक पढ़ना अभी सीख रहे हैं। ये moral stories in hindi very short हैं जिसको पढ़कर बच्चे कुछ नैतिकता की बातें भी सीखेंगे।

1. अहंकारी शेर और खरगोश

short stories in hindi for kids
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एक जंगल में बहुत सारे जानवर रहते थे जो एक दूसरे के साथ खुशी से रहते थे। उसी जंगल में एक शेर रहता था जो जंगल का राजा भी था।

जब वह जंगल में घूम रहा होता तो सभी जानवर छुप जाते क्योकि वह शेर बहुत अहंकारी था। यदि कोई जानवर उसके सामने आ जाता तो वह उसे मार कर खा जाता फिर चाहे वह भूखा हो या ना हो।

इसलिए सरे जानवरो ने मिल एक सुलाह करी और उस शेर राजा के पास गए। शेर राजा की गुफा पर पहुँच कर उन्होंने उसे आवाज लगाई, “शेर राजा आप कृपया बाहर आयंगे हमे आपसे कुछ बात करनी है।”

शेर गुफा से दहाड़ता हुआ, “कोन है बाहर किसको अपना जीवन पसंद नहीं है?” तभी बंदर कहता राजा जी हमारे पास आपके लिए एक योजना है जिससे आपको बहुत लाभ होगा और शेर झट से बाहर आ जाता है।

शेर राजा जी आप अब बूढ़े हो गए हो और जंगल में शिकार पर जाते हो तो हमे अच्छा नहीं लगता इसलिए हमने सोचा की रोज आपके लिए आपकी गुफा में एक जानवर आपका भोजन बनकर आ जायगा।

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राजा खुश होता और चेतावनी देता की यदि मुझसे धोका किया तो में तुम जब को खा जाऊंगा। अगले दिन से रोज एक जानवर राजा का भोजन बनकर चला जाता।

एक दिन एक खरगोश के बच्चे की बरी थी। उसकी माँ भोत उदास थी लेकिन उस खरगोश के बच्चे को जाना पड़ता है। वह बहुत शैतान बच्चा होता है और वह राजा की गुफ़ा में देर से पहुँचता है। जिसके कारन शेर उसपर क्रोधित होता है और देरी की वजह पूछता है। शैतान खरगोश राजा से कहता की उसने राजा के दुश्मन दूसरे शेर को देखा था और उससे अपनी जान बचा कर आया है।

शेर दहाड़ता हुआ “मेरे इलाके में मेरा ही दुश्मन शिकार कर रहा है” और उसको उस दुश्मन शेर के पास ले जाने को कहता है।

खरगोश उसे एक कुँए के पास लेकर गया और उसे उस कुए में देखने को कहा और कहता यहीं छुपा हुआ है आपका दुश्मन। शेर कुँए में झांकता और उसे उसमे उसका प्रतिबिंब(परछाई) दिखाई देता और वह उस पर तुरंत हमला कर देता और उस कुँए में दुब कर मार जाता।

कहानी का उद्येश्य : हमें कभी अपने पर अहंकार नहीं करना चाहिए और सबके हित में सोच कर कोई भी कार्य करना चाहिए।

2. पक्षी और बहेलिया

very short stories in hindi
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जंगल में एक पेड़ पर एक वयस्क और दो छोटे पक्षी रहते थे। वह कभी भी अपने से बड़ो की बात नहीं मानते और अपनी चलते।

एक समय उस पेड़ के किनारे बेल बनने लगी। वयस्क पक्षी ने दोनो छोटे पक्षियों को समझाया की यदि वे उस बेल को नहीं काटेंगे तो उनके लिए वह खतरा बन सकती है। दोनों ने फिरसे उसकी बात को नजरंदाज कर दिया और अपनी मर्जी चलने लगे।

कुछ एक साल बाद वह बेल उसके घोंसले तक आ गयी और मजबूत हो गयी। अब वह काटने पर भी नहीं कटने वाली थी।

और एक दिन वह तीनो खाने की तलाश में गए हुए थे और वह एक बहेलिया आया और उसी बेल के सहारे ऊपर चढ़ कर घोंसले में जाल बिछा दिया। साम को जब वह पक्षी लौटे तो वह उस जाल में फंस गए। फिर उन्हें बड़ो की बात ना मानने पर बहुत पछतावा हुआ और अपनी गलती का एहसास हो गया।

दोनों ने व्यस्क पक्षी से सलाह मांगी और बचने की योजना बनाई, “जब बहेलिया आएगा तो हम मरने का नाटक करेंगी और फिर वह हम तीनो को जैसे ही जाल से निकल कर जमीन पर रखेगा हम उड़ जायँगे।”

अंत में ऐसा ही हुआ, जैसे ही उसने उनको निकल कर रखा वह उड़ गए और बहेलिये को खली हाथ घर लौटना पड़ा।

कहानी का उद्येश्य : हमेसा अपने से बड़ो की बात माननी चाहिए वर्ण हम कभी किसी बड़ी मुसीबत में फस सकते है।

3. एक गरीब किसान

moral stories in hindi very short
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एक गांव जिसमें बारिश ना होने के कारण फसल की पैदावार रुक गयी थी। इसी कारण सभी गांव वाले गांव छोड़ कर किसी दूसरे गांव जाने लगे।

उसी गाओ में एक गरीब किसान रहता था। जो वह गांव छोड़ कर नहीं जाना चाहता था क्योकि उस गांव में उसके पूर्वज रहते थे। गरीब होने के कारण उसकी पत्नी और बच्चे भूख से बेहाल थे।

उसने कोई काम ढूंढने का फैसला किया और निकल पड़ा। शहर की तरफ जाते समय एक जंगल पड़ता था जिसमे से वह गुजर रहा था। उसने कुछ आवाज सुनी और आवाज की तरफ खिंचा चला गया। उसने देखा की एक गढ्डे में एक आदमी(जो सुनार था) , शेर, बंदर और एक सांप फंसे हुए थे।

चारो ने उससे मदद मांगी और कहा वे भी इसके बदले उसकी कुछ मदद करेंगी। उन सभी की मदद करने के बाद वह आगे की तरफ चला गया और कुछ काम ना मिलने के कारण उसे घर लौटते पड़ा। घर लौटते समय उसको बंदर मिला उसने उसे रसीले अंगूर दिए और मदद के बदल और वह आगे चल पड़ा। कुछ दुरी पर उसे शेर मिला जिसने उसे ढेर सरे कीमती गहने दिए। उसे लेकर किसान निकल पड़ा और सोचने लगा इसको में किसे बेंचू जो इसकी सही कीमत लगे। तभी उसको उस आदमी का ख्याल आया जो सुनार था।

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वह कीमती गहनों को लेकर उस सुनार के पास गया और उसको बताया की वह यह कीमती गहने कैसे लाया। यह तो मेहेल के कीमती गेहेनो में से एक है, सुनार लालच में आकर उसने सोचा की यदि वह राजा को झूट बोलकर इसे लौटा देगा तो उसे राजा खुश होकर इनाम देगा।

उसने गरीब किसान को पकड़वा दिया और राजा से इनाम प्राप्त क्र घर लौट गया। जेल में बंद किसान रोने लगा और तभी उसे याद आया की उसने एक सांप की भी जान बचाई थी और उसे दिल से याद करने लगा। वह सांप जादुई था, वह अचानक किसान के सामने प्रकट हो गया और किसान ने उसे से घटना बताई। सांप ने एक योजना बनाई की वह राजकुमारी को काट लेगा और उसे की ठीक ही क्र पाएगा तो तुम जाकर उसको छूना और में उसको ज़िंदा कर दूंगा।

योजना के तहत सांप ने राजकुमारी को काट लिए और उसे कोई भी शाही वैद्य ठीक नहीं कर पाया। तभी उस किसान ने एक सिपाही के कान में कहा की वह राजकुमारी को ठीक कर सकता है और सिपाही किसान को राजा के पास लेकर गया। राजा ने किसान को भी आजमाया और किसान ने जैसे ही राजकुमारी को छुआ वह ठीक हो गयी और राजा ने खुश होकर उसे कहा की तुम कुछ भी मांग सकते हो। किसान ने पूरी घटना राजा को बताई और राजा ने उस सुनार को जेल में दाल दिया और वह इनाम किसान को दे दिया।

कहानी का उद्येश्य : जिसने आपकी मदद करी और अपने बदले में उसे ही धोका दिया तो वह बहुत गलत बात होती है।

4. बेवकूफ बंदर और राजा

hindi kahaniya for kids
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एक राज्य जहां का राजा बहुत अजीब था, उसके लोग उसपर बहुत हंसती थी। लेकिन उसको इन सब से कोई फर्क नहीं पड़ता था। लोग कुत्ता, बिल्ली, मुर्गा पालते थे वहीं उसने एक बंदर पाल रखा था। वह बंदर से बहुत प्रेम और विश्वास करता।

एक दिन राजा अपने महल के कक्ष में विश्राम कर रहा था। राजा ने दासियो की जगह उस बंदर को काम पर रखा था। एक बार राजा अपने कक्ष में आराम कर रहा था और बंदर पंखे से उसको हवा कर रहा था। तभी एक मक्खी आती है और राजा को तंग करे लगती है। बंदर मक्खी से कहता, “तुम राजा को क्यों परेशान कर रही हो, भाग जाओ वरना में तुम्हे मार दूंगा।”

मक्खी बंदर से कहती है, “कुछ लोग बाहर तुम्हे बेवक़ूफ़ कहते है और कुछ राजा को, तुम दोनों में से कोन बड़ा बेवक़ूफ़ है मुझे यह राजा से पूछना है।”

बंदर मक्खी को चेतावनी देता है और वहां से चले जाने को कहता है लेकिन मक्खी नजरअंदाज करती और राजा की छाती पर जा बैठती है।

बंदर गुस्से में आकर फल के टोकरी से चाकू लेकर मक्खी पर वार करता है। जैसे ही वह वार कटा है मक्खी उड़ जाती है और चाकू सीधा राजा की छाती में घुस जाता है। राजा की मृतु हो जाती है और बंदर को समझ आ जाता है की उससे बहुत बड़ी गलती हो गयी और वह वहां से भाग जाता है।

कहानी का उद्येश्य : हमें बेवक़ूफ़ लोगो से दूर रहना चाहिए नहीं तो वह हमारे लिए ही नुकसान दायक होगा।

5. नेवला और सांप

hindi kahaniya for child
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एक गांव में एक पति पत्नी रहते थे। उस किसान की पत्नी को एक बच्चा हुआ और ठीक उसी समय एक नेवले ने भी अपने बच्चे को जन्म दिया। नेवला बच्चे को जन्म देते ही मर गया और और नेवला का बच्चा घूमते-घूमते उस किसान के घर जा पहुंचा। किसान ने जब उस नेवले के बचे को देखा तो उसे उसपर दया आई और उसने उसको पालने का फैसला किया।

हालाँकि, किसान की पत्नी अपने बच्चे के डर से नेवला नहीं पालना चाहती थी। लेकिन, उसने अपने पति की बात मानी और उसको पाल लिया।

एक दिन किसान की पत्नी नदी से पानी लेने गयी और उसने अपने पति को बच्चे का ख्याल रखने को कहा। जाते जाते उसने नेवले को बच्चे से दूर रखने को कहा। लेकिन कुछ समय बाद किसान बाजार चला गया और नेवले को बच्चे की सुरक्षा करने को कहा।

किसान के जाने के बाद एक सांप उसके घर में घुस जाता है और बच्चे को डसने की कोसिस करता है। लेकिन नेवला सांप को देख लेता है और सांप को मार देता है। लड़ाई में सांप का खून नेवले के मुँह में लग जाता है।

वह सांप को मारने के बाद बाहर आकर किसान और उसकी पत्नी का इंतज़ार करता है। किसान की पत्नी पानी लेकर लौटी है और घर के बाहर नेवेले के मुँह में लगा खून देख डर जाती है। उसे लगा की उसने उसके बच्चे को मार दिया है। गुस्से में वह पानी का मटका नेवले के सर पर फोड़ कर नेवले को मार देती है।

वह भागती हुई घर में जाती है और यह देख कर बहुत हैरान हो जाती है। वह देखती है की बच्चे के पास एक मरा सांप पड़ा हुआ है और बच्चा सुरक्षित पलने में खेल रहा है, वह सब कुछ समझा गयी। उसे अपने किय पर बहुत पछतावा होता है। किसान जब घर लौटता है तो पूरी घटना सुनने के बाद अपनी पत्नी को बहुत डांटता है।

कहानी का उद्येश्य : कुछ भी करने से पहले सोचना चाहिए और जल्दबाजी में कोई भी फेंसला नहीं लेना चाहिए।

Final Word : आपका बहुत धन्यवाद हमारे इस सीरीज में यह तक आने का। आशा है की आगे भी आप हमसे जुड़े रहेंगी और ऐसी short stories in hindi for kids सीरीज पढ़ते रहेंगे। यदि इस सीरीज की पिछली कहानियां नहीं पढ़ी तो दिय गए लिंक पर क्लिक करके जरूर पढ़े – Tenali raman stories in hindi, Top 5 Panchatantra Stories in Hindi, panchtantra story

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