बंगाल के पुरुलिया डिस्ट्रिक्ट की सच्ची घटना | true ghost stories in hindi language

true ghost stories in hindi language

यह true ghost stories in hindi language या real spirit stories in hindi, हम आपके लिए लेकर आए है। यह कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है। यह घटना उन स्टूडेंट के द्वारा कही गई है जो इस घटना में बाल-बाल बचे है। यदि आपका दिल कमजोर है तो कृपया करके आप अभी इस कहानी को पढ़ना बंद कर सकते है।

बंगाल के पुरुलिया डिस्ट्रिक्ट की सच्ची घटना | true ghost stories in hindi language

bhoot pret real story in hindi
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यह कहानी बंगाल में स्थित पुरुलिआ डिस्ट्रिक्ट की है। पुरुलिया डिस्ट्रिक एक पहाड़ी और जंगल से बना घिरा एक जिला है। एक कॉलेज के कुछ स्टूडेंट्स जिनका एक ग्रुप था। ग्रुप में कुछ लड़के और कुछ लड़िया थी, वह ग्रुप हर साल गर्मियों की छुट्टी में कहीं घूमने जाता था। हर साल की तरह इस साल भी उन्होंने टूर पर जाने का फेंसला किया।

सभी लोगो ने इस बार किसी पहाड़ी और एडवेंचर से भरी जगह को चुनने का फेंसला लिया। उन्होंने बंगाल के पुरुलिया जला चुना जो बेहद सुन्दर हिल स्टेशन भी है। ग्रुप के सभी मेंबर्स ने अगले दिन सुबह निकलने का फैसला किया।

अगली सुबह सभी साथ में पुरुलिया के लिए निकल पड़े। उन्होंने पुरुलिअ स्टेशन का टिकट लिया और ट्रैन में बैठ गए। पुरुलिया स्टेशन से उनका होटल 6km की दुरु पर था और रास्ता पहाड़ियों और जंगलो से होकर निकलता था। इसलिए उन्होंने स्टेशन से कैब बुक किया और शाम होने से पहले होटल पहुँच गए।

अगले दिन सुबह 8 बजे तक सभी उठ गए और घूमने के लिए तैयार हो गए। दो दिन उन्होंने बहुत एन्जॉय किया और बहुत सारी फोटोग्राफी की। तीसरे दिन उन्होंने घर वापसी का प्लान किया था लेकिन उस मौसम बहुत ख़राब था। बहुत तेज़ बारिश हो रही थी और उन्हें कोई कैब या ऑटो नहीं मिल रहा था। बारिश तेज़ होने के कारण उन्हें कोई टैक्सी या ऑटो नहीं मिला। कोशिश करते-करते शाम होने लगी लेकिन कोई टैक्सी या ऑटो नहीं मिला। अब शाम के 5 बज चुके थे और बारिश धीरे-धीरे बंद होने लगी। 6 बजे तक बारिश पूरी तरह बंद हो गयी थी और अँधेरा होने लगा था। पहाड़ी और जंगली इलाका होने के कारण वहां गर्मियों के समय में भी जल्दी अंधेर होने लगता है।

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पूरी तरह अँधेरा होने से पहले उन्हें एक टैक्सी वाला होटल के पास मिला। उन्होंने उस से बात करने का फेंसला किया और टैक्सी ड्राइवर के पास गए।

उनमे से एक ने टैक्सी वाले से कहा, “भईया पुरुलिया स्टेशन चलोगे क्या?” उन्होंने देखा की टैक्सी ड्राइवर पुरुलिया स्टेशन जाने के नाम से घबरा गया था।

टैक्सी ड्राइवर ने उन्हें साफ़ इंकार कर दिया और अगले दिन जाने की सलाह दी। जब उन्होंने उसकी वजह पूछी तो उसने कुछ हिचकिचाते हुए कहा, “अँधेरा होने वाला है और रास्ता ख़राब, अभी जाना बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है। लेकिन यह भी कॉलेज के स्टूडेंट्स थे और अभी जवानी में इनका खून गरम भी था। इसलिए उन्होंने ड्राइवर को बहुत मनाया और रिक्वेस्ट करने लगे। काफी मनाने के बाद ड्राइवर मान गया और सभी लोग अपने सामान के साथ गाड़ी में बैठ गए।

गाड़ी पुरुलिया स्टेशन के लिए निकल पड़ी और बारिश भी पूरी तरह बंद हो चुकी थी। लेकिन कुछ समय के बाद काफी अँधेरा हो चूका था और जंगल के कारण रास्ता अब साफ़ दिखना भी बंद हो गया था। गाड़ी में बैठे कोई अपना मोबाइल का नेटवर्क चेक कर रहा था, तो कोई म्यूजिक सुन कर अपना टाइम पास कर रहा था। काफी समय बीत गया लेकिन अभी तक स्टेशन नहीं आया। सभी ने ड्राइवर से पूछा की भईया स्टेशन कब तक आएगा इतना समय क्यों लग रहा है? ड्राइवर ने कहा, “वैसे तो में रोज 2 घंटे में स्टेशन पहुँच जाता हु लेकिन पता नहीं आज इतना वक्त क्यों लग रहा है।

तभी ड्राइवर को समझ आ जाता है की वह गलत रास्ते पर आ गए है। ड्राइवर के लिए वह रास्ता अनजान था लेकिन उन्होंने उसी रास्ते पर चलने का फैसला किया। लेकिन वह रास्ता उन्हें उलटी दिशा में ले गया और वह उसी रस्ते पर चलते हुए गए।

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horror stories in hindi
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तभी रस्ते में उन्हें उस रात के अँधेरे में गाड़ी की हेडलाइट के सामने के औरत रोड पार करती हुई दिखी। उन्होंने उससे रास्ता पूछने का फैसला किया और गाड़ी उसकी और ले गए। जैसे ही गाड़ी उस औरत के पास पहुंची तब तक उस औरत ने आधे से ज्यादा रास्ता पार कर लिया था।

गाड़ी में से एक व्यक्ति ने औरत को आवाज दी और कहा, “सुनिए… औरत ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने एक बार फिर आवाज लगाई लेकिन फिर से उस औरत की तरफ से कोई प्रतिकिया नहीं हुई।

उसने अबकी बार जोर से आवाज दी, “सुनिए… ये पुरुलिया स्टेशन का रास्ता कहा से मिलेगा, हम रास्ता भटक गए है।”

औरत रुक गयी और उसने रोड पूरी पार भी कर ली थी लेकिन वह पलटी नहीं। बिना पलटे हुए उस औरत ने अपना हाथ उठाया और उस रास्ते की और इशारा करने लगी जिस रस्ते से वह आ रहे थे। ड्राइवर ने टैक्सी को U-turn किया ही था की गाड़ी में पीछे बैठे स्टूडेंट्स जोर से चिल्लाने लगे। पीछे बैठे साथियो ने देखा की वह औरत 2 फ़ीट ऊपर हवा में झूल रही थी और उसके पैर भी मुड़े हुए थे। उन्हें चिल्लाता देख ड्राइवर ने अपने बैक मिरर में देखा तो वह भी बहुत दर गया और गाड़ी के गियर बदल बदल कर बहुत तेज़ी से वहां से निकल गया। सभी स्टूडेंट्स बहुत डरे हुए थे और काफी दूर जाने के बाद उन्हें एक बंगला दिखा। वह वहां रुके और उस बंगले के नौकर को सारी घटना बताई।

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नौकर ने बताया की शाम होते ही उस रस्ते पर अकेले कोई नहीं जाता, और जो जाता है वो कभी लौट कर नहीं आता। उसने बताया की उस रास्ते पर एक बार पहाड़ी से गिर कर एक औरत की मौत हो गयी। तब से वहां बहुत लोगो ने उसे देखा हे लेकिन उनमे से कुछ ही बच पाएं है। इसलिए अँधेरा होते ही कोई वह नहीं जाता। सबने वही रुकने का फैसला किया और अगली सुबह ड्राइवर और बाकि के स्टूडेंट्स वहां से अपने-अपने घर निकल गए।

Final Words : आशा है आपको हमारी यह true ghost stories in hindi language पसंद आई होगी। ऐसी horror stories in hindi पढ़ने के लिए हमे follow और subscribe जरूर करें। हम ऐसी ओर भी bhoot pret real story in hindi आपके लिए लेकर एते रहेंगे। यदि आपको हमारी यह कहानी पसंद आई तो हमे share करना ना भूले।

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